भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में झारखंड में बांग्लादेशी मुसलमानों की ‘घुसपैठ’ का मुद्दा उठाया और मांग की कि सरकार वहां राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का अभ्यास करे और हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को ‘इस्लामीकरण’ की गतिविधियों का समर्थन करने के लिए बर्खास्त करे।

उन्होंने कहा की झारखण्ड में पिछले कई वर्षो से तेजी से इस्लामीकरण हो रहा है। वह पिछले 13-14 सालों से झारखंड से सटे बांग्लादेश से घुसपैठ के मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का हिंदू-मुसलमान से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि घुसपैठ करने वाले हिंदू और मुस्लिम दोनों का रोजगार छीन लेते हैं। बांग्लादेशी मुसलमान भोली आदिवासी लड़कियों से शादी करके क्षेत्र की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) को बदलना चाहते हैं। उन्होंने  साहिबगंज में आदिवासी कोटे से चुनी गई एक जिला परिषद की मुखिया  का उदाहरण दिया जिसने एक मुस्लिम से शादी की और कहा कि ऐसे हजारों उदाहरण हैं। 

जामताड़ा एक सीरियल बना, देश के जितने साइबर क्राइम होते हैं, वे सारे साइबर क्रिमनल उसी संथाल परगना में हैं। उसी गोड्डा, देवघर, जामताड़ा, देवघर, साहिबगंज में हैं। जितनी गायें हैं। यदि गोड्डा, देवघर से चलेंगे तो आपको रात में लाखों-लाख गायें जाती दिखेंगी। वह सब बांग्लादेश जा रही हैं। बालू और गिट्टी जा रहा है। सब अवैध है।”

राज्य में तेजी से बांग्लादेशी और रोहिंग्या का घुसपैठ हुआ है। वर्तमान सरकार इन्हे बचाने की कोशिस कर रही है।  झारखण्ड में तेजी से इस्लामीकरण फ़ैल रहा है। अगर भारत सरकार ने इस और ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में राज्य में अशांति फ़ैल सकती है। 

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